Sunday, 11 September 2016

ज़िन्दगी कॉम्प्रोमाइज़ नहीं , एडजस्टमेंट :अनुज पारीक

ज़िन्दगी कॉम्प्रोमाइज़ नहीं ,
एडजस्टमेंट मांगती है 
और हम जितना एडजस्ट करने की कोशिश करते है 
लोग हमारे उतना ही करीब होते है 
ख़ुशी खुद के खुश रहने में नही 
बल्कि असली ख़ुशी तो ये है कि हमारी वजह से कितने लोग खुश है 
अपनों कि ख़ुशी के लिए जिए फिर देखिये ज़िन्दगी कितनी खूबसूरत होगी ..
मुस्कुरातें रहिये .....☺
Keep Reading & Keep Smiling ☺ 
Dhun Zindagi Ki 
ANUJ PAREEK 


Always Smile ☺ 


http://dhunzindagiki.blogspot.com

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