Tuesday, 4 October 2016

MAIN KABHI RUKA NAHI - Anuj Pareek



मैं कभी रुका नहीं
यू ही चलता गया
लाख कोशिशो के बावजूद मिली सफलता
लेकिन मैं कभी थका नहीं
मैं कभी रुका नहीं , यू  ही चलता गया
राह में आती रही परेशानियां अनेक
सब मुश्किलों को आसा करते हुए
मैं यू ही चलता गया
बनाता रहा मैं खुद ही अपनी राहे
परेशानियों को चीर हर मुकाम को पाता रहा
जब-जब भी छाये परेशानियों के बादल
मैं साँझ बनकर गाता रहा
मैं कभी रुका नहीं
यू ही चलता गया

                                    (अनुज पारीक)

11 comments:

  1. Main Kbhi Ruka Nahi
    Hu hi Chalta gaya ....

    MOTIVATIONAL very inspritional Superb Poem ........

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  2. superb very inspritional motivational poem ......... poet Anuj

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  3. motivational poem superb MAIN KABHI RUKA NAHI UHI CHALTA GAYA
    very nic & inspritional poem
    motivational poet Anuj Pareek

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  4. Very nic in sprit iona & so motivational Anuj Pareek

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  5. Awsm .... vry motivational ab to main bhi gun gunane lga hu main kbhi ruka nhi
    Superb

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  6. Very nic
    Inspirational & so motivational poem Anuj

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  7. Very nic
    Inspirational & so motivational poem Anuj

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